Tuesday, June 23, 2026
English edition Join Group Now

India

तमिलनाडु में सियासी घमासान तेज, राज्यपाल के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता

May 9, 2026 Source: Civic Sutra

Join Now
तमिलनाडु में सियासी घमासान तेज, राज्यपाल के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर चल रहा राजनीतिक और संवैधानिक विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एम. रामासुब्रमणि ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज्यपाल ने तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के प्रमुख थलपति विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं कर संवैधानिक परंपराओं का उल्लंघन किया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि टीवीके तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। पार्टी को 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें मिली हैं। हालांकि यह संख्या बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से कम है, लेकिन कांग्रेस सहित कुछ अन्य दलों ने विजय को समर्थन देने का ऐलान किया है। कांग्रेस के पांच विधायक इस समय हैदराबाद में मौजूद हैं और पार्टी ने विजय के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देने की बात कही है। याचिका में यह भी कहा गया है कि राज्यपाल का फैसला विधानसभा के बाहर बहुमत साबित करने जैसी स्थिति पैदा करता है, जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ माना जा रहा है। एम. रामासुब्रमणि ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि राज्यपाल के फैसले को असंवैधानिक घोषित किया जाए और सबसे बड़ी पार्टी के नेता थलपति विजय को सरकार बनाने का अवसर देने का निर्देश जारी किया जाए। विजय ने सरकार गठन के लिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPIM) और विदुथालाई चिरुथैगल कच्ची (VCK) से भी समर्थन मांगा है। इन तीनों दलों के पास विधानसभा में दो-दो विधायक हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद विजय अब तक तीन बार राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है। इस मामले के सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद तमिलनाडु की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। अब सभी की नजर अदालत के अगले कदम और राज्यपाल की भूमिका पर टिकी हुई है।