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Politics

ममता की हार से बांग्लादेश में खुशी, भारत संग बढ़ेंगी नजदीकियां

May 6, 2026 Source: Civic Sutra

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ममता की हार से बांग्लादेश में खुशी, भारत संग बढ़ेंगी नजदीकियां
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत ने न केवल भारत की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखाया है, बल्कि इसका असर पड़ोसी देश बांग्लादेश तक भी देखने को मिला है। 294 सीटों में से 207 सीटें जीतकर बीजेपी ने पहली बार राज्य में सरकार बनाने का रास्ता साफ किया। इस परिणाम के बाद बांग्लादेश के राजनीतिक हलकों में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है। बांग्लादेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी बीएनपी के नेता अजीजुल बारी हेलाल ने बीजेपी की जीत का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इससे भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने खासतौर पर तीस्ता जल समझौते को लेकर आशा व्यक्त की कि अब इस लंबे समय से लंबित मुद्दे का समाधान संभव हो सकेगा। उनका कहना है कि पिछली ममता बनर्जी सरकार इस समझौते में सबसे बड़ी बाधा रही थी, जबकि भारत की केंद्र सरकार और बांग्लादेश दोनों ही इसे लागू करना चाहते थे। ममता बनर्जी ने हमेशा तीस्ता जल बंटवारे का विरोध किया है। उनका तर्क था कि इससे पश्चिम बंगाल, खासकर उत्तर बंगाल के लोगों की आजीविका प्रभावित होगी। उन्होंने यह भी कहा कि तीस्ता नदी में पहले से ही पानी की कमी है, और यदि अतिरिक्त पानी बांग्लादेश को दिया गया तो राज्य में सिंचाई और पेयजल संकट बढ़ सकता है। इसके अलावा, फरक्का बैराज से पानी का प्रवाह कोलकाता पोर्ट के संचालन के लिए जरूरी माना जाता है। तीस्ता जल समझौता भारत और बांग्लादेश के बीच एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच नदी के पानी का न्यायसंगत बंटवारा करना है। यह नदी सिक्किम से निकलकर पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश में प्रवेश करती है और ब्रह्मपुत्र में मिल जाती है। वर्षों से इस पर विवाद बना हुआ है, क्योंकि दोनों देश इसके पानी पर अपने-अपने हिस्से की मांग करते रहे हैं। कुल मिलाकर, बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद बांग्लादेश को उम्मीद है कि दोनों देशों के रिश्तों में नई मजबूती आएगी और लंबे समय से लंबित मुद्दों पर प्रगति हो सकेगी।