Tuesday, May 26, 2026
English edition Join Group Now

Politics

विजय की राजनीति में तूफानी शुरुआत, सत्ताधारी दल चित

May 5, 2026 Source: Civic Sutra

Join Now
विजय की राजनीति में तूफानी शुरुआत, सत्ताधारी दल चित
तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां अभिनेता थलपति विजय ने अपने राजनीतिक डेब्यू में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। उनकी पार्टी तमिलिगा वेट्री कझगम (टीवीके) ने विधानसभा चुनाव में 35% वोट शेयर हासिल कर लगभग 1.7 करोड़ वोट प्राप्त किए, जो कि दिग्गज नेता एम.जी. रामचंद्रन (MGR) के 1977 के रिकॉर्ड से भी अधिक है। उस समय MGR ने सहयोगी दलों के साथ मिलकर 33.5% वोट शेयर हासिल किया था, जबकि विजय ने यह उपलब्धि बिना किसी गठबंधन के अकेले दम पर हासिल की है। पांच राज्यों में हुए चुनावों में तमिलनाडु के नतीजे सबसे ज्यादा चर्चा में रहे। विजय की इस जीत ने राज्य की पारंपरिक राजनीति को झकझोर दिया है, जो पिछले कई दशकों से DMK और AIADMK के बीच केंद्रित रही है। इस चुनाव में DMK को 24% वोट (करीब 1.1 करोड़) और AIADMK को 21% वोट (करीब 1 करोड़) मिले। वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी को लगभग 3-3% वोट मिले, जबकि NTK को 4% और DMDK को करीब 1.2% वोट हासिल हुए। विजय की सफलता केवल उनकी फिल्मी लोकप्रियता का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक मजबूत रणनीति और जमीनी जुड़ाव भी रहा है। उन्होंने खास तौर पर युवाओं, खासकर पहली बार वोट देने वाले ‘जेन-जी’ मतदाताओं को टारगेट किया। उनके चुनावी भाषणों में रोजगार, आधुनिक शिक्षा और भ्रष्टाचार मुक्त शासन जैसे मुद्दे प्रमुख रहे, जिसने युवाओं को आकर्षित किया। यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि विजय ने अकेले दम पर स्थापित राजनीतिक दलों को कड़ी चुनौती दी और उन्हें पीछे छोड़ दिया। उनकी लहर के सामने सत्ताधारी DMK का मजबूत संगठन भी टिक नहीं पाया। अब विजय को तमिलनाडु की राजनीति में एक नए “सुपरस्टार” के रूप में देखा जा रहा है। दक्षिण भारत की राजनीति में फिल्मी सितारों का प्रभाव हमेशा से रहा है। MGR, करुणानिधि, जयललिता और एनटी रामाराव जैसे दिग्गजों ने फिल्मों से राजनीति में सफल प्रवेश किया था। अब विजय की इस ऐतिहासिक जीत के साथ ऐसा लग रहा है कि तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है।