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शहबाज शरीफ के दखल से सुलझा मामला, चीन को गधे का मांस भेजेगा पाकिस्तान
May 3, 2026 Source: Civic Sutra
पाकिस्तान ने हाल ही में चीन को गधे के मांस के निर्यात की अनुमति देकर एक अहम आर्थिक और कूटनीतिक फैसला लिया है। यह कदम उस समय उठाया गया जब चीन की एक प्रमुख कंपनी ने अपने संचालन बंद करने की चेतावनी दी थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पाकिस्तान सरकार, यहां तक कि प्रधानमंत्री कार्यालय को भी सीधे हस्तक्षेप करना पड़ा। इस पूरे विवाद का केंद्र ग्वादर स्थित चीनी कंपनी ‘हानगेंग ट्रेड कंपनी’ रही, जो गधे के मांस के प्रोसेसिंग और निर्यात का काम करती है।
ग्वादर, जो चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, चीन समर्थित परियोजनाओं का मुख्य केंद्र बन चुका है। यहां स्थापित हानगेंग ट्रेड कंपनी को निर्यात से जुड़ी मंजूरियों में लंबे समय से देरी का सामना करना पड़ रहा था। कंपनी ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि जल्द अनुमति नहीं मिली तो उसे अपनी फैक्ट्री बंद करनी पड़ेगी, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर असर पड़ सकता था।
इस स्थिति को संभालने के लिए पाकिस्तान सरकार ने तेजी से कदम उठाया और निर्यात को मंजूरी दे दी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब Shehbaz Sharif इस महीने के अंत में चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं, जहां वे एक महत्वपूर्ण निवेश मंच की बैठक में हिस्सा लेंगे। ऐसे में यह निर्णय दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में भी देखा जा रहा है।
चीन में गधे के मांस और उससे बने उत्पादों की खास मांग है। इसका उपयोग पारंपरिक चीनी औषधि बनाने में किया जाता है, जिसे रक्तवर्धक और त्वचा संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यही कारण है कि पाकिस्तान से बड़े पैमाने पर गधों का निर्यात होता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान हर साल करीब 2,16,000 गधों का निर्यात करता है, जिससे लगभग 30 करोड़ अमेरिकी डॉलर का राजस्व प्राप्त होता है। इस व्यापार से पाकिस्तान को आर्थिक लाभ तो मिलता ही है, साथ ही चीन के साथ उसके रणनीतिक संबंध भी मजबूत होते हैं।
कुल मिलाकर, यह फैसला केवल व्यापारिक नहीं बल्कि कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, जो पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ती आर्थिक निर्भरता और सहयोग को दर्शाता है।