Wednesday, October 28, 2026
English edition Join Group Now

Chhattisgarh

सुरक्षित बचपन अभियान से बच्चों को मिली कानूनी अधिकारों की जानकारी

October 28, 2026 Source: Civic Sutra

Join Now
सुरक्षित बचपन अभियान से बच्चों को मिली कानूनी अधिकारों की जानकारी
सुरक्षित बचपन अभियान से बच्चों को मिली कानूनी अधिकारों की जानकारी
सुरक्षित बचपन अभियान से बच्चों को मिली कानूनी अधिकारों की जानकारी
रायपुर,28 अक्टूबर 2026/ बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए रायपुर के 21 विद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत 42 न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें बाल संरक्षण कानूनों, व्यक्तिगत सुरक्षा, ऑनलाइन सतर्कता और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वावधान में 10 अक्टूबर 2026 से शुरू हुए इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों और सहायता के उपलब्ध माध्यमों से परिचित कराना है। अभियान के तहत बच्चों को बताया जा रहा है कि किसी भी तरह की असुरक्षा या शोषण की स्थिति में वे किससे संपर्क करें, शिकायत कैसे दर्ज कराएं और निःशुल्क कानूनी सहायता कैसे प्राप्त करें। रायपुर और गरियाबंद जिले में अभियान के प्रथम चरण के अंतर्गत 26 से 31 अक्टूबर तक विद्यालयों में जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी, बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा साइबर क्राइम विभाग को शामिल करते हुए जिला स्तरीय समन्वय समिति गठित की गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं प्रधान जिला न्यायाधीश श्री बलराम प्रसाद वर्मा के निर्देश पर चयनित विद्यालयों में कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कार्यक्रमों में ‘मेरा बचपन, मेरा अधिकार’, ‘कानून जानो, बचपन बचाओ’, ‘सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित बचपन’, ‘बोलो, बताओ, बचाओ’ तथा ‘न बाल विवाह, न बाल शोषण’ जैसे विषयों पर बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के पॉक्सो सपोर्ट पर्सन, किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति के सदस्य तथा बाल मनोविज्ञान विशेषज्ञ बच्चों के साथ संवाद कर रहे हैं। विद्यालयों के निकट स्थित विधि महाविद्यालयों के शिक्षक और विधि विद्यार्थी भी नुक्कड़ नाटक, प्रश्नोत्तरी, चित्रकला और पेंटिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से अभियान में सहभागिता कर रहे हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों और सहायता के रास्तों की जानकारी देना है। अभियान की अवधि के बाद भी विद्यालयों में बच्चों के बौद्धिक एवं मानसिक विकास और बाल संरक्षण संबंधी जागरूकता के लिए निरंतर गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।