Wednesday, May 27, 2026
English edition Join Group Now

Development

कठिन परिस्थितियों में भी नहीं रुकी सेवा, स्वास्थ्य टीम ने बचाई जान

April 29, 2026

Join Now
कठिन परिस्थितियों में भी नहीं रुकी सेवा, स्वास्थ्य टीम ने बचाई जान
जहां सड़कें खत्म, वहां भी इलाज शुरू, सुकमा की पहाड़ियों में उम्मीद की रोशनी 17 मरीज रेफर, 14 आयुष्मान कार्ड, 11 को मुफ्त चश्मा, स्वास्थ्य बस्तर अभियान की बड़ी सफलता रायपुर, 29/ स्वास्थ्य बस्तर अभियान के तहत सुकमा जिले में एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र के मरीज को बेहतर इलाज दिलाने के लिए स्वास्थ्य टीम ने सराहनीय प्रयास किया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन तथा मार्गदर्शन में पोटकपल्ली स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुटेपढ़ गांव से मरीज को पहले किस्टाराम और फिर जिला अस्पताल सुकमा तक पहुंचाया। इस दौरान मरीज ने कुल 310 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया, जिससे समय पर उपचार संभव हो सका। यह सफलता सतत स्क्रीनिंग, प्रभावी काउंसलिंग, समय पर रेफरल और मजबूत फॉलो-अप व्यवस्था के कारण संभव हो पाई। सेक्टर मेडिकल ऑफिसर के समन्वय और स्वास्थ्य कर्मियों की मेहनत ने इस अभियान को और अधिक प्रभावी बना दिया। दुर्गम इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अभियान के अंतर्गत किस्टाराम और मरईगुड़ा के अंदरूनी गांवों से कुल 17 मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। इनमें से 14 मरीजों के आयुष्मान कार्ड मौके पर बनाकर प्रिंट किए गए, ताकि इलाज के दौरान आर्थिक परेशानी न हो। वहीं 2 अस्थमा और 2 पैरों में सूजन से पीड़ित मरीजों को विशेष जांच और उपचार के लिए भेजा गया। इसके साथ ही कोंटा क्षेत्र से आए मरीजों की आंखों की जांच कर 11 मरीजों को निःशुल्क चश्मा वितरित किया गया, जबकि मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को ऑपरेशन की सलाह दी गई। मरईगुड़ा सेक्टर और पोटकपल्ली टीम के स्वास्थ्य कर्मियों के प्रयासों ने यह साबित कर दिया कि स्वास्थ्य बस्तर अभियान दूरस्थ क्षेत्रों के लिए वास्तव में जीवनदायी पहल बनकर उभर रहा है।