Monday, October 19, 2026
English edition Join Group Now

Chhattisgarh

आईईडी पीड़ितों को फिर अपने पैरों पर खड़ा करना ही नक्सलवाद की अंतिम निशानी मिटाना: विजय शर्मा

October 6, 2026 Source: Civic Sutra

Join Now
आईईडी पीड़ितों को फिर अपने पैरों पर खड़ा करना ही नक्सलवाद की अंतिम निशानी मिटाना: विजय शर्मा
आईईडी पीड़ितों को फिर अपने पैरों पर खड़ा करना ही नक्सलवाद की अंतिम निशानी मिटाना: विजय शर्मा
आईईडी पीड़ितों को फिर अपने पैरों पर खड़ा करना ही नक्सलवाद की अंतिम निशानी मिटाना: विजय शर्मा
आईईडी पीड़ितों को फिर अपने पैरों पर खड़ा करना ही नक्सलवाद की अंतिम निशानी मिटाना: विजय शर्मा
आईईडी पीड़ितों को फिर अपने पैरों पर खड़ा करना ही नक्सलवाद की अंतिम निशानी मिटाना: विजय शर्मा
रायपुर, 05 अक्टूबर 2026/ लंबे समय तक नक्सल हिंसा और बारूदी सुरंगों की विभीषिका झेलने वाला बस्तर अब अंधकार से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में जगदलपुर के धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय विशाल निःशुल्क दिव्यांगजन सहायता एवं सहायक उपकरण वितरण शिविर ने पीड़ितों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जारी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस शिविर में संभाग के बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर एवं कांकेर जिले से 3,800 से अधिक जरूरतमंदों का पंजीयन हुआ है, जिसके माध्यम से नक्सल विस्फोटों, सड़क दुर्घटनाओं व अन्य कारणों से अपने अंग गंवा चुके नागरिकों को कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। शिविर को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर लंबे समय तक नक्सली हिंसा के दंश से जूझा है, लेकिन अब यह अंचल उस दौर से बाहर निकलकर विकास की नई दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल उपकरणों के वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। उन्होंने हिंसा में अपने अंग गंवा चुके पीड़ितों को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे खुद को कभी भी अकेला न समझें, पूरी सरकार और समाज पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि सरकार का लक्ष्य केवल बस्तर को हिंसा से मुक्त कराना नहीं, बल्कि एक शांत, सशक्त और 'विकसित बस्तर' का निर्माण करना है। कार्यक्रम में उपस्थित उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद का खात्मा केवल सुरक्षा बलों की कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि बारूदी सुरंगों और आईईडी विस्फोटों का शिकार होकर अपने अंग गंवाने वाले हर नागरिक को पुनः संबल देकर अपने पैरों पर खड़ा करना ही नक्सलवाद की अंतिम निशानी को मिटाना है। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि नक्सलियों ने भले ही धमाकों से लोगों के पैर छीने हों, लेकिन बस्तर की जनता के आत्मबल और मां दंतेश्वरी की कृपा से आज वही लोग कृत्रिम अंगों के सहारे स्वाभिमान से आगे बढ़ रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने आईईडी ब्लास्ट के शिकार ग्रामीण संतोष पोयाम सहित कर्तव्य के दौरान घायल हुए पुलिस जवान राकेश कुमार यादव और घासीराम मांझी की जीवटता का विशेष उल्लेख किया, जो अब कृत्रिम अंगों की मदद से बिना किसी सहारे के चलने के लिए तैयार हैं। यह पुनीत अभियान जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के समन्वय से 'जयपुर फुट' के लिए विख्यात भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति जयपुर एनएसई फाउंडेशन और भारतीय जैन संघटना के संयुक्त तत्वावधान में संचालित किया जा रहा है। शिविर की खासियत यह है कि यहां ऑन-साइट आधुनिक कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा दिव्यांगजनों का व्यक्तिगत नाप लेकर मौके पर ही आधुनिक कृत्रिम हाथ, पैर, कैलिपर्स तैयार कर लगाए जा रहे हैं, जबकि पहले ही दिन 70 से अधिक हितग्राहियों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए गए। इसके साथ ही जरूरतमंदों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, कैलिपर्स, बैसाखी और श्रवण यंत्र पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम शिविर स्थल पर ही परीक्षण कर दिव्यांगजनों को मेडिकल सर्टिफिकेट सौंप रही है और हितग्राहियों को मौके पर ही शत-प्रतिशत दिव्यांग पेंशन व अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि उन्हें भविष्य में दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इस महाशिविर के व्यापक विस्तार की जानकारी देते हुए भारतीय जैन संघटना के डॉ. अतुल जैन ने बताया कि पूर्व में यह शिविर कवर्धा के लिए प्रस्तावित था, किंतु उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के संवेदनशील सुझाव पर बस्तर के पीड़ितों को प्राथमिकता देते हुए इसे यहां आयोजित किया गया। शिविर की रूपरेखा दो चरणों में तय की गई है, जिसके प्रथम चरण में 5 से 7 अक्टूबर तक बस्तर, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है, जिसमें अकेले बस्तर जिले के 1,570 हितग्राही शामिल हैं। इसके पश्चात संभाग के शेष जिलों—दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के लिए 15 से 17 अक्टूबर तक दंतेवाड़ा में दूसरे चरण का शिविर आयोजित होगा। उद्घाटन अवसर पर बस्तर सांसद श्री महेश कश्यप ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है और समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की सेवा ही सबसे बड़ी ईश्वर आराधना है। वहीं चित्रकोट विधायक विनायक गोयल ने मार्च 2026 तक बस्तर को नक्सल मुक्त करने के संकल्प के साथ पीड़ितों के संपूर्ण पुनर्वास को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। इस अवसर पर रायपुर से वर्चुअल जुड़े जगदलपुर विधायक श्री किरण सिंह देव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप, कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक श्री बीएन मीणा, कलेक्टर श्री आकाश छिकारा, जिला पंचायत सीईओ श्री तन्मय खन्ना सहित जनप्रतिनिधिगण, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।