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हार न मानने का जज्बा ही दिलाता है मंजिल, जानिए इच्छाशक्ति की ताकत

August 9, 2026 Source: Civic Sutra

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हार न मानने का जज्बा ही दिलाता है मंजिल, जानिए इच्छाशक्ति की ताकत
“Where there’s a will, there’s a way” ऐसी कहावतों से मन को बहुत बल मिलता है। हृदय को बड़ा करने वाले शब्दों से कठोर परिस्थितियां बर्फ़ की तरह पिघलने लगती हैं। इतिहास जानता है कि बड़े लक्ष्य वही हासिल करता है जिनका अपने लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास हो। बाधाएं और असफलताएं जीवन को श्रृंगार देती हैं हर किसी के सामने आती हैं, परंतु वही व्यक्ति आगे बढ़ता है जो हार मानने के बजाय अपने भीतर की इच्छा-शक्ति को जगाता है। इच्छाशक्ति हमें दिशा देती है, और प्रयास हमें मंज़िल तक पहुँचाते हैं। जब मन ठान लेता है, तब सीमाएँ भी छोटी लगने लगती हैं और रास्ते स्वयं बनते चले जाते हैं। आज के समय में, जब लोग छोटी-छोटी कठिनाइयों से घबराने वालों के लिए आज का लेख बहुत काम का है। यह विचार आज भी प्रासंगिक है कि सफलता भाग्य से नहीं बल्कि निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प से मिलती है। बस शर्त इतनी सी है कि लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में उसे पाने की सच्ची चाह और लगन हो तो कोई भी बाधा हमें रोक नहीं सकती। उद्धरेदात्मनात्मानं नात्मानमवसादयेत्। श्रीमद्भगवद्गीता के इस यह प्रसिद्ध श्लोक के छठे अध्याय (ध्यानयोग) के पांचवें श्लोक का अंश है, जिसका अर्थ है कि मनुष्य को अपने मन और कर्म के द्वारा स्वयं अपना उद्धार करना चाहिए और खुद को कभी नीचा या कमजोर नहीं सोचना चाहिए। लक्ष्य के प्रति समर्पण, अवसर की पहचान, मज़बूत इच्छाशक्ति और कठोर परिश्रम बस इतने अवयवों का मिश्रण भीतर तैयार हो जाए तो खुल जाएँगे विकास के सौ-सौ द्वार।