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उत्तर भारत में मानसून का कहर, नदियां उफान पर, जनजीवन प्रभावित
July 20, 2026 Source: Civic Sutra
देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। देश के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से में घने मानसूनी बादल छाए हुए हैं और मौसम विभाग ने 25 जुलाई तक उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई राज्यों में बाढ़, भूस्खलन और जलभराव जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भारी बारिश के बीच भूस्खलन से एक मकान ढह गया, जिसमें सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। असम में लगातार बारिश से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई गांवों का संपर्क टूट गया है और हजारों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं।
उत्तर प्रदेश में गंगा और अन्य नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण वाराणसी और प्रयागराज के कई घाट जलमग्न हो गए हैं। वाराणसी के दशाश्वमेध, पंचगंगा और आसपास के लगभग 40 छोटे मंदिरों में बाढ़ का पानी भर गया है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
हिमालयी राज्यों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। कहीं बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं तो कहीं सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दूसरी ओर राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश थमने से तापमान फिर बढ़ने लगा है और लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी है।