Thursday, August 27, 2026
English edition Join Group Now

India

बैंकॉक समिट में HNLU की बड़ी उपलब्धि, 20 विश्वविद्यालयों के साथ बना वैश्विक गठबंधन

July 15, 2026 Source: Civic Sutra

Join Now
बैंकॉक समिट में HNLU की बड़ी उपलब्धि, 20 विश्वविद्यालयों के साथ बना वैश्विक गठबंधन
बैंकॉक समिट में HNLU की बड़ी उपलब्धि, 20 विश्वविद्यालयों के साथ बना वैश्विक गठबंधन
​रायपुर, 15 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ के प्रतिष्ठित हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU), रायपुर ने वैश्विक शैक्षणिक पटल पर राज्य का गौरव बढ़ाते हुए एक बड़ी रणनीतिक उपलब्धि हासिल की है। थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित एक प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन के दौरान, एचएनएलयू ने वैश्विक विश्वविद्यालय नवाचार एवं सहयोग के लिए एक ऐतिहासिक बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। ​इस ऐतिहासिक समझौते पर दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के 20 अग्रणी और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों ने हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम उच्च शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और सतत विकास के क्षेत्रों में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में भारत की ओर से एक बेहद महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। *​बैंकॉक के आईकॉनसियाम में हुआ वैश्विक समागम* ​यह समझौता 9-10 जुलाई 2026 को बैंकॉक स्थित प्रसिद्ध आईकॉनसियाम कन्वेंशन सेंटर में आयोजित "AUAP - WURI इम्पैक्ट समिट 2026" के दौरान हुआ। इस दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य विषय सरकार के साथ साझेदारी में विश्वविद्यालय नवाचार-नीति, तंत्र और प्रभाव था, जिसमें दुनिया भर के विश्वविद्यालयों के प्रमुखों, नीति-निर्माताओं, नवाचार विशेषज्ञों और जाने-माने शिक्षाविदों ने हिस्सा लिया। *​कुलपति प्रो. विवेकानन्दन ने प्रस्तुत किया 'R-HaS' मॉडल* ​ ​कुलपति प्रो. विवेकानन्दन ने प्रस्तुत किया 'R-HaS' मॉडल ​शिखर सम्मेलन में एचएनएलयू का प्रतिनिधित्व करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) वी.सी. विवेकानन्दन ने विश्वविद्यालय के अभिनव रिसर्च हब एंड ​​स्पोक (R-HaS) मॉडल पर आधारित एक केस स्टडी प्रस्तुत की। इस प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने एचएनएलयू के अंतर्विषयी अनुसंधान तंत्र, बाह्य वित्तपोषित (एक्सटर्नली फंडेड) शोध परियोजनाओं तथा समाज के प्रति जवाबदेह एवं प्रभावकारी अनुसंधान के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को वैश्विक मंच पर रेखांकित किया, जिसकी उपस्थित विशेषज्ञों ने काफी सराहना की। ​इस रणनीतिक कामयाबी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुलपति प्रो. विवेकानन्दन ने कहा कि एचएनएलयू क्षेत्रीय और वैश्विक विश्वविद्यालय संगठनों के साथ सार्थक सहभागिता के माध्यम से अपनी अनुसंधान पहलों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित और प्रसारित करने की दिशा में प्रभावशाली प्रगति कर रहा है। यह बहुपक्षीय समझौता हमारे अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को विस्तार देने की दिशा में एक मील का पत्थर है। सम्मेलन के दौरान AUAP के महासचिव प्रो. डॉ. अनूप स्वरूप तथा कार्यकारी सचिव डॉ. सुपापोर्न चुआंगचिद के साथ संयुक्त सम्मेलन, अनुसंधान परियोजनाओं, संकाय (फैकल्टी) व छात्र विनिमय (एक्सचेंज) कार्यक्रमों पर भी बेहद सार्थक चर्चा हुई है। *​समझौते के तहत इन क्षेत्रों में होगा साझा काम* ​बहुपक्षीय समझौता ज्ञापन के अनुच्छेद-3 के तहत सभी 20 सहभागी संस्थान भविष्य में मिलकर काम करेंगे। इसके तहत आपसी सहयोग से वैश्विक महत्व की नवाचार व शोध परियोजनाओं का संचालन, संकाय (फैकल्टी), शोधार्थियों और छात्रों के लिए विनिमय कार्यक्रम,नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा देना और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मेलनों, कार्यशालाओं और केस स्टडीज का विकास करना शामिल है। *​इन संगठनों के सहयोग से हुआ शिखर सम्मेलन* ​AUAP (एसोसिएशन ऑफ यूनिवर्सिटीज ऑफ एशिया एंड द पैसिफिक): यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र का एक बेहद प्रतिष्ठित और पुराना विश्वविद्यालय संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों को एक मंच पर लाकर शैक्षणिक सहयोग, नेतृत्व विकास और उच्च शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण को बढ़ावा देना है। ​WURI (वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स फॉर इनोवेशन) यह एक ऐसी अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग प्रणाली है जो विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन सिर्फ पारंपरिक किताबी या शोध मानकों पर नहीं, बल्कि वास्तविक सामाजिक प्रभाव, उद्योग सहयोग, उद्यमिता और नैतिक नेतृत्व जैसे नवाचारों के आधार पर करती है। एचएनएलयू अपने दूरदर्शी नेतृत्व के कारण इस रैंकिंग में लगातार अंतरराष्ट्रीय पहचान बना रहा है। ​ हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU), रायपुर देश के अग्रणी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में गिना जाता है। अपने विशिष्ट 'R-HaS' मॉडल, अनुभवात्मक अधिगम (एक्सपेरिमेंटल लर्निंग) और लोकनीति-उन्मुख अनुसंधान के दम पर यह संस्थान विधि शिक्षा के भविष्य को वैश्विक स्तर पर आकार देने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।