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रॉकेट रिकवरी तकनीक में चीन ने रचा नया इतिहास, सफल रहा परीक्षण

July 10, 2026 Source: Civic Sutra

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रॉकेट रिकवरी तकनीक में चीन ने रचा नया इतिहास, सफल रहा परीक्षण
चीन ने अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल करते हुए पहली बार अपने रॉकेट रिकवरी सिस्टम का सफल परीक्षण किया है। इस परीक्षण के दौरान लॉन्ग मार्च-10बी रॉकेट के पहले चरण यानी बूस्टर को नियंत्रित तरीके से समुद्र में स्थित एक विशेष ऑफशोर प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित उतारा गया। सबसे खास बात यह रही कि बूस्टर को नेट-आधारित रिकवरी सिस्टम की मदद से सफलतापूर्वक कैप्चर किया गया, जिसे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़ी सफलता माना जा रहा है। शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 को किए गए इस परीक्षण में लॉन्ग मार्च-10बी रॉकेट का सफल प्रक्षेपण किया गया। लॉन्च के लगभग छह मिनट बाद रॉकेट का पहला चरण मुख्य हिस्से से अलग हुआ और तय योजना के अनुसार नियंत्रित तरीके से वापस समुद्र की ओर लौटा। वहां पहले से तैयार प्लेटफॉर्म पर उसे सुरक्षित उतार लिया गया। इस पूरी प्रक्रिया ने चीन की रीयूजेबल रॉकेट तकनीक को नई मजबूती दी है। रीयूजेबल रॉकेट तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि एक बार इस्तेमाल किए गए बूस्टर को दोबारा मिशन में उपयोग किया जा सकता है। इससे हर लॉन्च के लिए नए बूस्टर बनाने की जरूरत कम होगी और अंतरिक्ष अभियानों की लागत में बड़ी कमी आएगी। यही वजह है कि दुनिया के कई देश इस तकनीक पर तेजी से काम कर रहे हैं। अमेरिका पहले से इस क्षेत्र में आगे माना जाता है, लेकिन चीन की यह सफलता दिखाती है कि वह भी रीयूजेबल स्पेस सिस्टम विकसित करने की दिशा में तेजी से प्रगति कर रहा है। माना जा रहा है कि इस तकनीक से भविष्य में चीन के चंद्र मिशनों और अन्य अंतरिक्ष अभियानों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तरह की रिकवरी प्रणाली लगातार सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में अंतरिक्ष यात्रा अधिक किफायती और प्रभावी बन सकती है।