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नर्मदा परियोजना पर बड़ा फैसला, चार राज्यों ने खत्म किया वर्षों पुराना विवाद
July 8, 2026 Source: Civic Sutra
नई दिल्ली में नर्मदा परियोजना से जुड़े वर्षों पुराने विवादों के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच ऐतिहासिक समझौता हुआ। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की उपस्थिति में चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य नर्मदा परियोजना से जुड़े लंबित मुद्दों को अंतिम रूप से सुलझाना और प्रभावित लोगों को राहत देना है।
समझौते के तहत जल-प्लावित क्षेत्रों में रहने वाले विस्थापित परिवारों के पुनर्वास और भूमि मुआवजे से जुड़े दशकों पुराने मामलों का निपटारा किया जाएगा। सरकार ने फैसला किया है कि सभी लंबित देयों का भुगतान वन-टाइम सेटलमेंट (One-Time Settlement) के माध्यम से किया जाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों को लंबे इंतजार के बाद राहत मिलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग के कारण लंबे समय से अटके कई राष्ट्रीय मुद्दों का समाधान अब तेजी से संभव हो रहा है।
गृह मंत्री ने मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र सरकारों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि नर्मदा परियोजना ने इन राज्यों में सिंचाई, पेयजल और बिजली की उपलब्धता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन इलाकों तक नर्मदा का पानी पहुंचा है, वहां कृषि उत्पादन बढ़ा है और किसानों की आय के साथ भूमि का मूल्य भी बढ़ा है।
अमित शाह ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न अंतरराज्यीय जल विवादों के समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उनके अनुसार नर्मदा परियोजना पर हुआ यह समझौता सहकारी संघवाद का मजबूत उदाहरण है और भविष्य में राष्ट्रीय हित से जुड़े ऐसे अन्य विवादों के समाधान का भी मार्ग प्रशस्त करेगा।