Saturday, July 11, 2026
English edition Join Group Now

India

अहमदाबाद ब्लास्ट केस में हाईकोर्ट का फैसला, 38 को फांसी और 11 को उम्रकैद बरकरार

July 7, 2026 Source: Civic Sutra

Join Now
अहमदाबाद ब्लास्ट केस में हाईकोर्ट का फैसला, 38 को फांसी और 11 को उम्रकैद बरकरार
अहमदाबाद। वर्ष 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में गुजरात हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए स्पेशल कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखा है। जस्टिस ए.वाई. कोगजे और जस्टिस समीर दवे की खंडपीठ ने सभी दोषियों की अपील खारिज कर दी। इसके साथ ही 38 दोषियों को सुनाई गई फांसी की सजा और 11 अन्य दोषियों की उम्रकैद की सजा यथावत रहेगी। यह मामला 26 जुलाई 2008 को हुए उन सिलसिलेवार धमाकों से जुड़ा है, जिन्होंने पूरे अहमदाबाद को दहला दिया था। महज 70 मिनट के भीतर शहर के 21 अलग-अलग स्थानों पर बम विस्फोट हुए थे। इन हमलों में 56 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस घटना को देश के सबसे बड़े आतंकी हमलों में गिना जाता है। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में राज्य सरकार को मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है। इस मामले की जांच और सुनवाई करीब 12 वर्षों तक चली। कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान भी अदालत में सुनवाई जारी रही। विशेष ट्रायल के दौरान 1,100 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए, 6,000 से ज्यादा दस्तावेज अदालत में पेश किए गए और 547 चार्जशीट के साथ 3.47 लाख से अधिक पन्नों का रिकॉर्ड न्यायालय के सामने रखा गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, प्रतिबंधित आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन (IM) और स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) से जुड़े आरोपियों ने इस हमले की साजिश रची थी। पुलिस का दावा था कि 2002 के गोधरा कांड के बाद हुए सांप्रदायिक दंगों का बदला लेने की मंशा से इन धमाकों को अंजाम दिया गया था। हाईकोर्ट के इस फैसले के साथ देश के सबसे चर्चित आतंकी मामलों में से एक पर न्यायिक प्रक्रिया का अहम पड़ाव पूरा हो गया।