Saturday, July 11, 2026
English edition Join Group Now

Technology

क्लाइमेट-फ्रेंडली सीमेंट से तैयार हो रहा नोएडा एयरपोर्ट, स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिक ने समझाई तकनीक

June 29, 2026 Source: Civic Sutra

Join Now
क्लाइमेट-फ्रेंडली सीमेंट से तैयार हो रहा नोएडा एयरपोर्ट, स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिक ने समझाई तकनीक
जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट सिर्फ देश का नया एविएशन हब नहीं, बल्कि टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में भी एक बड़ा कदम बनकर उभरा है। यह भारत का पहला बड़े स्तर का सिविल इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट है, जिसमें कम कार्बन उत्सर्जन वाले **लाइमस्टोन कैल्साइन्ड क्ले सीमेंट (LC3)** का व्यापक इस्तेमाल किया गया है। LC3 तकनीक को भारत के आईआईटी और स्विट्जरलैंड के EPFL सहित कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के वैज्ञानिकों ने वर्षों की रिसर्च के बाद विकसित किया है। इस सीमेंट में पारंपरिक क्लिंकर की जगह कैल्साइन्ड क्ले और लाइमस्टोन का उपयोग किया जाता है, जिससे सीमेंट निर्माण के दौरान कार्बन उत्सर्जन में करीब **40 प्रतिशत तक कमी** आती है। साथ ही इसे तैयार करने के लिए पारंपरिक सीमेंट की तुलना में काफी कम तापमान की जरूरत होती है, जिससे ऊर्जा की भी बचत होती है। EPFL की प्रोफेसर कैरन स्क्रिवनर ने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट में LC3 का इस्तेमाल किसी ट्रायल के रूप में नहीं, बल्कि **फुल-स्केल निर्माण** में किया गया है। एयरपोर्ट की इमारतों के साथ-साथ रनवे जैसे महत्वपूर्ण हिस्सों में भी इस सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है। उनका दावा है कि यह पारंपरिक सीमेंट जितना ही मजबूत है और इसकी टिकाऊ क्षमता उससे बेहतर हो सकती है। भारत जैसे तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रहे देश के लिए यह तकनीक कार्बन फुटप्रिंट कम करने की दिशा में अहम साबित हो सकती है। अल्ट्राटेक, डालमिया भारत, जेके सीमेंट, श्री सीमेंट और जेके लक्ष्मी सीमेंट जैसी बड़ी कंपनियां भी अब LC3 के व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में नोएडा एयरपोर्ट भविष्य के ग्रीन कंस्ट्रक्शन मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।