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संविधान की दुहाई देकर महेश जेठमलानी ने घेरा, प्रियांक खरगे बोले- पहले जवाब दीजिए...

June 20, 2026 Source: Civic Sutra

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संविधान की दुहाई देकर महेश जेठमलानी ने घेरा, प्रियांक खरगे बोले- पहले जवाब दीजिए...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पंजीकरण और फंडिंग को लेकर कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे और वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिल रही है। प्रियांक खरगे ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर संगठन के रजिस्ट्रेशन, वित्तीय स्रोतों और पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठाए थे। उन्होंने संगठन की कानूनी स्थिति को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा था। खरगे के इस कदम पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि संविधान किसी मंत्री को अपनी इच्छा के अनुसार कानून की व्याख्या करने या उसे बदलने का अधिकार नहीं देता। उन्होंने प्रियांक खरगे के पत्र को वंशवादी राजनीति से प्रेरित बताते हुए संवैधानिक प्रावधानों की ओर ध्यान दिलाया। इस पर पलटवार करते हुए प्रियांक खरगे ने कहा कि RSS को लेकर अब स्वयंभू कानूनी विशेषज्ञ भी मैदान में उतर आए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि महेश जेठमलानी RSS के आधिकारिक कानूनी प्रतिनिधि के रूप में उनके कार्यालय आना चाहते हैं, तो वे उनके सभी सवालों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं। प्रियांक खरगे ने यह भी कहा कि कानून, संविधान, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर वह किसी भी मंच पर बहस करने के लिए तैयार हैं। साथ ही उन्होंने व्यंग्य करते हुए उम्मीद जताई कि महेश जेठमलानी की यह सक्रियता BJP या RSS के खाते में बिल के रूप में दर्ज नहीं होगी। इस पूरे विवाद ने RSS के रजिस्ट्रेशन और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।