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‘पैदल चलना मौलिक अधिकार, गाड़ियों से ऊपर है इसका महत्व’, सुप्रीम कोर्ट...

June 20, 2026 Source: Civic Sutra

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‘पैदल चलना मौलिक अधिकार, गाड़ियों से ऊपर है इसका महत्व’, सुप्रीम कोर्ट...
देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने फुटपाथ और पैदल यात्रियों के अधिकारों को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि फुटपाथों पर सबसे पहला अधिकार पैदल चलने वालों का है और यह अधिकार मोटर वाहनों से भी ऊपर है। अदालत ने माना कि सुरक्षित तरीके से पैदल चलना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है, जो संविधान के अनुच्छेद 19(1)(d) के तहत मिलने वाले स्वतंत्र आवागमन के अधिकार का हिस्सा है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस ए.एस. चंदूरकर की बेंच ने एक सड़क दुर्घटना मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। यह मामला एक ऐसे पिता से जुड़ा था, जिसने अपने पांच साल के बेटे को सड़क हादसे में खो दिया था। हाईकोर्ट द्वारा मुआवजे की राशि कम किए जाने के बाद पीड़ित ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए मुआवजा बढ़ाकर 11.44 लाख रुपये कर दिया और दो महीने के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को फुटपाथों के निर्माण और उनकी सुरक्षा के लिए जिम्मेदार ठहराया। अदालत ने यह भी कहा कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 में पैदल यात्रियों के अधिकारों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया है और इसमें सुधार की आवश्यकता है। इसके अलावा, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और लॉ कमीशन को इस फैसले की प्रति भेजने का निर्देश दिया गया है, ताकि पैदल यात्रियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया जा सके। इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ने "Re: Fundamental Right to Walk and Footpath" शीर्षक के तहत दर्ज करने का आदेश भी दिया है।