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होर्मुज खुलने पर भी संकट बरकरार, ईरान ने बदला रुख...
June 18, 2026 Source: Civic Sutra
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम के बाद उम्मीद की जा रही थी कि दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) फिर से सामान्य रूप से खुल जाएगा और वैश्विक व्यापार को राहत मिलेगी। दोनों देशों के बीच हुए समझौते को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और सप्लाई चेन के लिए सकारात्मक कदम माना जा रहा था। लेकिन समझौते के लागू होने से पहले ही ईरान के नए बयान ने स्थिति को फिर से अनिश्चित बना दिया है।
ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अब पहले जैसी युद्ध-पूर्व स्थिति में वापस नहीं जाएगा। उनके अनुसार यह रणनीतिक समुद्री मार्ग ईरान के नियंत्रण में है और यहां से गुजरने वाले जहाजों से सेवा शुल्क लिया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मार्ग पर पूरी तरह से मुफ्त आवाजाही लंबे समय तक संभव नहीं होगी, हालांकि शुरुआती 60 दिनों के लिए बिना शुल्क सुरक्षित मार्ग देने पर सहमति बनी है।
यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के विपरीत है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यह जलमार्ग स्थायी रूप से टोल-फ्री रहेगा। इसी बीच, अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते को लेकर दोनों देशों के अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
युद्ध के दौरान इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई। दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल की सप्लाई इसी मार्ग से होती है, इसलिए इसके बाधित होने का असर भारत समेत कई देशों पर पड़ा था।
अब अमेरिकी खुफिया एजेंसियां भी ईरान की बढ़ती समुद्री पकड़ को लेकर सतर्क हैं और मान रही हैं कि भविष्य में यह मार्ग फिर से वैश्विक तनाव का कारण बन सकता है।