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पेपर लीक मामले में टेलीग्राम को लेकर केंद्र का हलफनामा, HC ने पूछा सवाल...
June 18, 2026 Source: Civic Sutra
NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के कथित दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई है। सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को लगातार ऐसी शिकायतें मिली हैं, जिनमें टेलीग्राम के जरिए परीक्षा से जुड़े पेपर लीक और धोखाधड़ी की गतिविधियों का उल्लेख किया गया है।
हलफनामे में यह भी बताया गया है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने कई ऐसे टेलीग्राम चैनल, ग्रुप और बॉट्स की पहचान की है, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्रों को फैलाने और छात्रों को भ्रमित करने के लिए किया जा रहा था। सरकार के अनुसार, यह स्थिति परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए बड़ा खतरा बन चुकी है।
केंद्र ने अदालत को बताया कि उसने तुरंत सीधे बैन लगाने के बजाय पहले कम सख्त कदम उठाए। 3 जून 2026 को टेलीग्राम के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई, जिसमें सरकार ने इन गतिविधियों पर चिंता जताई। इस पर टेलीग्राम ने स्वीकार किया कि उसके लिए सभी संदिग्ध कंटेंट को स्वतः पहचानना पूरी तरह संभव नहीं है, हालांकि रिपोर्ट किए गए मामलों में कार्रवाई की जाती है।
हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सरकार से सवाल किया कि क्या पूरे टेलीग्राम ऐप पर प्रतिबंध लगाना एक संतुलित और उचित कदम होगा। सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि अदालत को इस मामले के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार करना चाहिए, क्योंकि प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध गतिविधियां लगातार जारी थीं।
वहीं टेलीग्राम ने पूरे ऐप पर बैन का विरोध करते हुए कहा कि गलत कंटेंट या यूजर्स के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, न कि पूरे प्लेटफॉर्म को बंद किया जाए। कंपनी का कहना है कि वह एआई आधारित मॉनिटरिंग और सरकारी अनुरोधों के अनुसार कार्रवाई कर रही है।
गौरतलब है कि पेपर लीक विवाद के चलते NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित की गई है, और सरकार तथा NTA ने इसे पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए कड़े इंतजामों का दावा किया है।