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शहडोल में फुटबॉल का बुखार: फीफा के रंग में रंगे गांव, खिलाड़ियों की चाह- सिर्फ देखना नहीं, भारत को वर्ल्ड कप खिलाना है...

June 12, 2026 Source: Civic Sutra

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शहडोल में फुटबॉल का बुखार: फीफा के रंग में रंगे गांव, खिलाड़ियों की चाह- सिर्फ देखना नहीं, भारत को वर्ल्ड कप खिलाना है...
अजयारविंद नामदेव, शहडोल। भारत को क्रिकेट का देश माना जाता है, लेकिन अब फुटबॉल भी गांव-गांव में अपनी अलग पहचान बना रहा है। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले का विचारपुर गांव इन दिनों फुटबॉल के प्रति अपने जुनून के कारण चर्चा में है। इसी वजह से इस गांव को "मिनी ब्राजील" के नाम से जाना जाता है। यहां बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक कई पीढ़ियां फुटबॉल से जुड़ी रही हैं और लगभग हर परिवार से कोई न कोई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच चुका है। फुटबॉल के प्रति इसी दीवानगी ने विचारपुर को देशभर में पहचान दिलाई है। गांव के चार खिलाड़ी प्रशिक्षण के लिए जर्मनी भी जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस गांव का दौरा कर चुके हैं और अपने रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" में यहां के खिलाड़ियों और उनकी प्रतिभा का जिक्र कर चुके हैं। हर सुबह गांव के मैदानों में बच्चों और युवाओं की टोली फुटबॉल के साथ अभ्यास करती दिखाई देती है। कोई लियोनेल मेसी का प्रशंसक है तो कोई नेमार का, लेकिन सभी का सपना एक ही है—भारत को फीफा वर्ल्ड कप के मंच पर खेलते देखना। स्थानीय कोचों और खेल प्रेमियों का कहना है कि क्षेत्र में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन बेहतर सुविधाओं और संसाधनों का अभाव खिलाड़ियों की राह में बड़ी चुनौती बना हुआ है। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद युवा लगातार मेहनत कर रहे हैं और आधुनिक तकनीक सीखने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों से प्रेरणा ले रहे हैं। शहडोल का यह मिनी ब्राजील साबित कर रहा है कि अगर खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें, तो यहां की मिट्टी से निकले सितारे एक दिन विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर भारत का तिरंगा लहरा सकते हैं।