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12 जून भस्म आरती: रजत मुकुट और रुद्राक्ष माला से सजे महाकाल, देखें अलौकिक रूप...

June 12, 2026 Source: Civic Sutra

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12 जून भस्म आरती: रजत मुकुट और रुद्राक्ष माला से सजे महाकाल, देखें अलौकिक रूप...
उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार, 12 जून को ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि पर प्रातःकाल विशेष भस्म आरती का आयोजन किया गया। सुबह लगभग 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके बाद विधि-विधान से भगवान महाकाल का पूजन-अर्चन शुरू हुआ। इस अवसर पर बाबा महाकाल का अत्यंत मनमोहक और दिव्य श्रृंगार किया गया, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। मंदिर के पुजारियों ने सबसे पहले गर्भगृह में विराजमान सभी देवी-देवताओं का पूजन किया। इसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया गया तथा दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से तैयार पंचामृत से अभिषेक संपन्न हुआ। पूजन के बाद भांग, चंदन, रुद्राक्ष और विभिन्न आभूषणों से भगवान का विशेष श्रृंगार किया गया। भस्म आरती की परंपरा के अनुसार प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम जल अर्पित किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया। कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को वस्त्र से ढंककर पवित्र भस्म अर्पित की गई। इसके बाद भगवान को रजत निर्मित शेषनाग मुकुट, रजत मुण्डमाल, रुद्राक्ष की मालाएं तथा सुगंधित पुष्पों से अलंकृत किया गया। मान्यता है कि भस्म अर्पण के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और बाबा महाकाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कानों में अपनी मनोकामनाएं भी व्यक्त कीं। पूरे मंदिर परिसर में “जय महाकाल” के जयघोष गूंजते रहे और भक्तिमय वातावरण बना रहा।