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NEET सिस्टम विवाद: समिति ने चीन-अमेरिका परीक्षा मॉडल बताया
June 11, 2026 Source: Civic Sutra
NEET-UG पेपर लीक विवाद के बीच नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बुधवार को संसदीय समिति के सामने अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें परीक्षा प्रणाली को और सुरक्षित बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई। बैठक में NTA के महानिदेशक अभिषेक सिंह और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के अध्यक्ष अभिजात शेठ भी मौजूद रहे। समिति के सदस्यों ने सुझाव दिया कि भारत को अमेरिका और चीन जैसे देशों की परीक्षा व्यवस्थाओं से सीख लेनी चाहिए, जहां बड़ी संख्या में छात्रों की परीक्षाएं अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से कराई जाती हैं।
इसी बीच चीन की प्रवक्ता यू जिंग ने गाओकाओ परीक्षा का एक वीडियो साझा करते हुए इसे दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा बताया। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा भारत की JEE और NEET जैसी परीक्षाओं का संयुक्त स्वरूप है, जिसमें करोड़ों छात्र भाग लेते हैं और देशभर में पूरा माहौल छात्रों के अनुकूल हो जाता है। चीन में इस परीक्षा को बेहद कड़ी निगरानी और सख्त कानूनों के तहत आयोजित किया जाता है, जिसके कारण इसमें गड़बड़ी की घटनाएं बहुत कम मानी जाती हैं।
भारत में NEET परीक्षा में हर साल 20 लाख से अधिक छात्र शामिल होते हैं, जबकि JEE में लगभग 15 लाख उम्मीदवार परीक्षा देते हैं। हाल ही में 3 मई को हुई NEET-UG परीक्षा में पेपर लीक के आरोप लगे थे, जिसके बाद 12 मई को इसे रद्द कर दिया गया और 21 जून को पुनः परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
संसदीय समिति के समक्ष यह तीसरी बार है जब NTA और NMC के अधिकारी पेश हुए। समिति ने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, छात्रों का तनाव कम करने और संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। साथ ही, छात्रों में बढ़ती आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता जताते हुए सरकार से पीड़ित परिवारों को सहायता देने की भी मांग की गई।
इसके अलावा, समिति ने सुझाव दिया कि NEET परीक्षा को साल में 2-3 बार आयोजित किया जाए ताकि छात्रों को अधिक अवसर मिल सकें। हालांकि, इस प्रस्ताव पर पहले भी चर्चा हो चुकी है, लेकिन इसे लागू करने में कई व्यावहारिक चुनौतियां बताई गई हैं। वर्तमान में CBI इस मामले की जांच कर रही है और अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।