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दिल्ली में नहीं बनेंगे नए कचरे के पहाड़, MCD लगाएगा 5 आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट...

June 10, 2026 Source: Civic Sutra

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दिल्ली में नहीं बनेंगे नए कचरे के पहाड़, MCD लगाएगा 5 आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट...
राजधानी दिल्ली में बढ़ते कचरे के संकट और लैंडफिल साइटों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने पांच बड़ी अपशिष्ट प्रबंधन परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं पर करीब 596 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके तहत भलस्वा, ओखला, सिंघोला, गाजीपुर और नरेला-बवाना में आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग और संसाधन प्रबंधन केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनकी कुल क्षमता 5,900 मीट्रिक टन प्रतिदिन होगी। इन परियोजनाओं को महापौर प्रवेश वाही और स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा की मंजूरी मिली है। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य दिल्ली में नए कचरे के पहाड़ बनने से रोकना और मौजूदा लैंडफिल स्थलों पर बढ़ते दबाव को कम करना है। नई सुविधाओं के जरिए कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण, पुनर्चक्रण और संसाधन प्रबंधन किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। सबसे बड़ी परियोजना भलस्वा लैंडफिल साइट पर स्थापित की जाएगी, जहां 1,800 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता वाला एकीकृत कचरा संसाधन संयंत्र बनाया जाएगा। इस पर 214.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं, ओखला में 1,400 मीट्रिक टन क्षमता का प्लांट 152.68 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। इसके अलावा सिंघोला में 700 मीट्रिक टन क्षमता वाली विशेष सुविधा विकसित की जाएगी, जहां ताजा कचरे के साथ नालों से निकलने वाली गाद का भी वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण होगा। गाजीपुर में 800 मीट्रिक टन और नरेला-बवाना में 1,200 मीट्रिक टन क्षमता वाले आधुनिक वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किए जाएंगे। एमसीडी का मानना है कि इन परियोजनाओं से लैंडफिल साइटों पर निर्भरता कम होगी और दिल्ली को कचरे के पहाड़ों से राहत मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।