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‘अपने कुकर्मों से बच नहीं सकता पाकिस्तान’, PoK में खूनी झड़प के बाद भारत की दो टूक...
June 9, 2026 Source: Civic Sutra
भारत ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में हुई हिंसा और 27 से अधिक लोगों की मौत के बाद पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा किया है। रावलकोट में पुलिस और जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों की जान चली गई, जबकि 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वह अपनी नाकामियों और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने के लिए झूठी खबरों और वीडियो का सहारा ले रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीओके में पुलिस की बर्बर कार्रवाई की खबरें चिंताजनक हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को पाकिस्तान को उसके अत्याचारों और दुष्कर्मों के लिए जवाबदेह ठहराना चाहिए। वहीं, पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने भी हिंसा, अत्यधिक बल प्रयोग और संचार सेवाएं बंद किए जाने की निंदा की है। आयोग ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को राजनीतिक अधिकार दिए बिना किसी भी प्रकार का संवाद सार्थक नहीं हो सकता।
दरअसल, पीओके में लोग लंबे समय से बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर शहबाज सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। स्थिति तब और बिगड़ गई जब पाकिस्तान सरकार ने JAAC को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया और प्रस्तावित ‘लॉन्ग मार्च’ से पहले कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी। आरोप है कि 5 जून से पूरे इलाके में इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं।
हिंसा और बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान पुलिस के कई जवान पीओके और गिलगित में तैनाती से इनकार कर रहे हैं। सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।