India
ऋतब्रत बनर्जी नियुक्ति पर बवाल, TMC ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया...
June 9, 2026 Source: Civic Sutra
पश्चिम बंगाल की राजनीति में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है, जिसके चलते तृणमूल कांग्रेस (TMC) अब इस मामले को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गई है। विवाद की जड़ में ऋतब्रत बनर्जी की नियुक्ति है, जिसे पार्टी ने चुनौती दी है। इस मामले की सुनवाई 11 जून को जस्टिस कृष्णा राव की सिंगल बेंच में होने की संभावना है।
पूरा मामला तब शुरू हुआ जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद को लेकर पार्टी के अंदर मतभेद खुलकर सामने आ गए। TMC ने पहले ही औपचारिक रूप से घोषणा कर दी थी कि वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाया जाएगा। लेकिन इससे पहले ही स्पीकर रथींद्रनाथ बोस ने ऋतब्रत बनर्जी को इस पद पर मान्यता दे दी, जिस पर पार्टी नेतृत्व ने आपत्ति जताई।
TMC ने स्पीकर के इस फैसले को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए न्यायिक समीक्षा की मांग की है। पार्टी का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष का निर्णय गलत है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। साथ ही, TMC ने अदालत से अनुरोध किया है कि उनके द्वारा नामित उम्मीदवार शोभनदेव चट्टोपाध्याय को ही नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दी जाए।
इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब TMC के 80 विधायकों में से 58 विधायकों ने पार्टी लाइन से अलग जाकर ऋतब्रत बनर्जी का समर्थन कर दिया। इसके बाद ऋतब्रत बनर्जी ने भी नेता प्रतिपक्ष पद पर अपना दावा मजबूत किया।
पार्टी में इस आंतरिक कलह और विधायकों की बड़ी संख्या में बगावत ने राजनीतिक हलचल को और बढ़ा दिया है। अब पूरा मामला न्यायालय के विचाराधीन है और 11 जून की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि हाईकोर्ट इस राजनीतिक और संवैधानिक विवाद पर क्या रुख अपनाता है और नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति पर अंतिम फैसला किसके पक्ष में जाता है।