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यमुना पुनर्जीवन के हर चरण के लिए बनेगी समय-सीमा, 20 दिन में होगी मॉनिटरिंग...
June 9, 2026 Source: Civic Sutra
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना की समीक्षा बैठक में कहा कि स्वच्छ और निर्मल यमुना केंद्र और राज्य सरकारों का साझा संकल्प है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को एकीकृत कार्ययोजना के तहत काम करने और परियोजना के प्रत्येक कार्य के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय करने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रगति की समीक्षा हर 20 दिन में करने पर जोर दिया, ताकि कार्यों में तेजी और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो सके।
बैठक में यमुना नदी की सफाई, प्रदूषण नियंत्रण, सीवेज प्रबंधन और नदी के समग्र पुनर्जीवीकरण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। अमित शाह ने कहा कि केवल परियोजनाओं को पूरा करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके दीर्घकालिक रखरखाव की प्रभावी व्यवस्था भी जरूरी है, जिससे यमुना की स्वच्छता और जल गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहे।
उन्होंने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारों को संयुक्त रूप से कार्य करते हुए यमुना में निर्धारित मानकों के अनुरूप पर्याप्त ईको-फ्लो बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही डेयरियों और गौशालाओं से निकलने वाले अपशिष्ट को यमुना में जाने से रोकने के लिए एमसीडी और नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के बीच एमओयू करने की जानकारी दी। इसके तहत गोबर को बायोगैस और जैविक खाद संयंत्रों तक पहुंचाया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अब तक 128 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए जा चुके हैं और वर्ष 2027 के अंत तक नए एसटीपी स्थापित करने की योजना है। वहीं, यमुना में गिरने वाले नालों की डी-सिल्टिंग का लगभग 97 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। अमित शाह ने गाद के वैज्ञानिक निपटान और उसके निर्माण कार्यों में उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार यमुना को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।