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संसदीय समिति ने NTA और CBSE से किए तीखे सवाल, Coempt को टेंडर क्यों मिला?

June 8, 2026 Source: Civic Sutra

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संसदीय समिति ने NTA और CBSE से किए तीखे सवाल, Coempt को टेंडर क्यों मिला?
संसदीय समिति ने NEET पेपर लीक विवाद और CBSE के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम से जुड़े मामलों में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से कड़े सवाल पूछे हैं। कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली इस समिति ने दोनों संस्थानों से लिखित जवाब भी मांगे हैं। समिति ने NTA से पूछा कि वह “पेपर लीक” की परिभाषा कैसे तय करता है और 2018 से अब तक उसकी परीक्षाओं में कितनी बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। साथ ही एजेंसी के आंतरिक ढांचे, कर्मचारियों की संख्या और हाल के वर्षों में हुई नई नियुक्तियों का पूरा ब्योरा भी तलब किया गया है। NTA ने पहले दावा किया था कि NEET परीक्षा में कोई पेपर लीक नहीं हुआ था, बल्कि केवल एक “गेस पेपर” वायरल हुआ था, लेकिन बाद में विवाद बढ़ने पर परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। CBSE से OSM सिस्टम के तहत ठेका देने वाली कंपनी Coempt को लेकर सवाल किए गए हैं। समिति ने पूछा कि क्या कंपनी का बैकग्राउंड ठीक से जांचा गया था, जबकि उसके डायरेक्टर पहले ग्लोबरेना टेक्नोलॉजीज से जुड़े रहे हैं, जिस पर 2019 में परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। आरोप है कि नाम बदलकर Coempt बनने के बाद भी कंपनी को टेंडर दिया गया। समिति ने यह भी सवाल उठाया कि टेंडर प्रक्रिया में खराब रिकॉर्ड वाली कंपनियों को अयोग्य ठहराने की शर्त क्यों हटाई गई और आंसर शीट स्कैनिंग के लिए उन्नत रोबोटिक स्कैनर की जगह सामान्य स्कैनर क्यों इस्तेमाल किया गया। इस बीच, OSM विवाद के बाद सरकार ने CBSE के शीर्ष अधिकारियों का तबादला भी कर दिया था। यह मामला तब और सुर्खियों में आया जब एक छात्र के विस्तृत प्रेजेंटेशन के बाद टेंडर प्रक्रिया की खामियों पर गंभीर सवाल उठे और प्रशासनिक बदलाव किए गए।