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भारत-नेपाल सीमा मसले पर नेपाल स्पष्ट, द्विपक्षीय वार्ता को बताया समाधान...

June 8, 2026 Source: Civic Sutra

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भारत-नेपाल सीमा मसले पर नेपाल स्पष्ट, द्विपक्षीय वार्ता को बताया समाधान...
नेपाल ने भारत-नेपाल सीमा विवाद को लेकर अपना रुख एक बार फिर स्पष्ट करते हुए कहा है कि कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा से जुड़े विवादों का समाधान केवल भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से ही संभव है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत यात्रा के दौरान कहा कि काठमांडू इस मुद्दे पर किसी तीसरे देश या अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ की भूमिका नहीं चाहता। खनाल ने कहा कि नेपाल का मानना है कि कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से उसकी सीमा का हिस्सा रहे हैं और इस दावे के समर्थन में उसके पास पर्याप्त ऐतिहासिक आधार मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने भी हाल ही में संसद में सरकार का यही दृष्टिकोण रखा था। नेपाल का कहना है कि कैलाश-मानसरोवर यात्रा मार्ग से जुड़े जिन क्षेत्रों पर विवाद है, उन्हें वह अपनी भूमि मानता है। विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि यदि विवादित क्षेत्र नेपाल का हिस्सा है तो वहां होने वाली किसी भी गतिविधि या समझौते में नेपाल की सहमति और भागीदारी आवश्यक होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि नेपाल भारत और चीन के बीच हुए समझौतों पर आपत्ति दर्ज कराने के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान चाहता है। खनाल ने जोर देकर कहा कि नई नेपाली सरकार भारत के साथ संबंधों को पुराने विवादों तक सीमित नहीं रखना चाहती। उनका मानना है कि दोनों देशों को साझा विकास, आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और तकनीकी साझेदारी पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने भारत को उभरती हुई वैश्विक आर्थिक और तकनीकी शक्ति बताते हुए कहा कि नेपाल अपनी विकास यात्रा को भारत की प्रगति से जोड़ना चाहता है। साथ ही उन्होंने कहा कि सीमाएं विवाद का कारण नहीं बल्कि सहयोग और संपर्क का माध्यम बननी चाहिए, जबकि सीमा विवाद का समाधान स्थापित द्विपक्षीय तंत्र के तहत शांतिपूर्ण बातचीत से किया जाना चाहिए।