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‘2035 तक वैश्विक तेल मांग में भारत का रहेगा दबदबा…’, रूसी CEO का अनुमान...

June 7, 2026 Source: Civic Sutra

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‘2035 तक वैश्विक तेल मांग में भारत का रहेगा दबदबा…’, रूसी CEO का अनुमान...
तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। दुनिया के कई बड़े संस्थान पहले ही भारत को सबसे तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल कर चुके हैं। इसी बीच रूस की प्रमुख तेल कंपनी रोसनेफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) इगोर सेचिन ने भारत को लेकर बड़ा अनुमान जताया है। सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए इगोर सेचिन ने कहा कि वर्ष 2035 तक वैश्विक तेल मांग में होने वाली कुल वृद्धि का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा अकेले भारत से आएगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुमानों का हवाला देते हुए बताया कि अगले दशक में भारत की तेल खपत बढ़कर करीब 80 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच सकती है। यह मौजूदा स्तर से लगभग 44 फीसदी अधिक होगी, जबकि वैश्विक स्तर पर तेल मांग में कुल वृद्धि केवल 5 फीसदी रहने का अनुमान है। रोसनेफ्ट प्रमुख ने यह भी कहा कि अप्रैल 2022 से रूस से होने वाली तेल आपूर्ति के कारण भारत और चीन को बड़ा आर्थिक लाभ मिला है। रूसी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों को इससे 40 अरब डॉलर से अधिक का फायदा हुआ है। उन्होंने कहा कि रूस, भारत और चीन के बीच मजबूत ऊर्जा सहयोग ने स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इगोर सेचिन ने होर्मुज जलडमरूमध्य में किसी भी तरह के व्यवधान को लेकर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक, यदि इस मार्ग से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है तो खाद और खाद्य उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। भारत उन देशों में शामिल है, जो इस तरह के संकट से सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।