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ममता बनर्जी के लिए नई चुनौती, अब टीएमसी सांसदों के टूटने के संकेत...

June 7, 2026 Source: Civic Sutra

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ममता बनर्जी के लिए नई चुनौती, अब टीएमसी सांसदों के टूटने के संकेत...
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर जारी असंतोष थमने का नाम नहीं ले रहा है। विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद पार्टी लगातार आंतरिक संकट का सामना कर रही है। ‘ऑपरेशन क्राउन प्रिंस’ के तहत पहले कई विधायकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोला था और अब ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि टीएमसी के संसदीय दल में भी टूट की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे पहले विधानसभा में टीएमसी के कई विधायकों ने अभिषेक बनर्जी के बढ़ते प्रभाव का विरोध करते हुए अलग गुट बना लिया था। बागी नेताओं ने निष्कासित नेता रितब्रता बनर्जी के नेतृत्व में अपनी राजनीतिक पहचान स्थापित करने की कोशिश की थी। अब चर्चा है कि कुछ सांसद भी पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं और अलग गुट बनाने पर विचार कर सकते हैं। इसी बीच राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी अचानक दिल्ली पहुंच गए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उन्हें निर्धारित कार्यक्रम से पहले राजधानी भेजा गया ताकि वे संसदीय दल के भीतर की स्थिति का आकलन कर सकें। उनका यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उन्हें सोमवार को फर्जी हस्ताक्षर विवाद से जुड़े मामले में सीआईडी के सामने पेश होना है। टीएमसी के बागी विधायक संदीपन साहा ने दावा किया है कि संसद में भी वैसा ही माहौल बन रहा है जैसा पहले विधानसभा में देखने को मिला था। उन्होंने इसके लिए अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया। हालांकि पार्टी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि टीएमसी पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सांसद अब भी ममता बनर्जी के नेतृत्व के साथ मजबूती से खड़े हैं। फिलहाल, टीएमसी के भीतर बढ़ती असहमति और दिल्ली में चल रही राजनीतिक गतिविधियों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।