Saturday, August 29, 2026
English edition Join Group Now

India

छोटे कारोबार से बड़ी सफलता, सालाना 2.5 लाख की आय अर्जित

June 6, 2026 Source: Civic Sutra

Join Now
छोटे कारोबार से बड़ी सफलता, सालाना 2.5 लाख की आय अर्जित
*मुद्रा लोन और बिहान योजना ने बदली प्रीति गुप्ता की जिंदगी, बनीं ‘लखपति दीदी’* *महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल, सालाना 2.50 लाख रुपये तक की कर रही हैं आय अर्जित* रायपुर, 6 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए संचालित योजनाएं जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। इन योजनाओं का लाभ लेकर जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड के ग्राम बुढाडांड की प्रीति गुप्ता आज सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं। अपने परिश्रम, लगन और शासन की सहायता से उन्होंने ‘लखपति दीदी’ बनने का सपना साकार किया है। लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ी प्रीति गुप्ता को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग का उपयोग उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत करने में किया। उन्होंने गांव में ‘दुर्गा श्रृंगार एवं किराना दुकान’ की स्थापना की, जहां सौंदर्य प्रसाधनों से लेकर दैनिक उपयोग की विभिन्न वस्तुएं उपलब्ध कराई जाती हैं। प्रारंभ में छोटे स्तर पर शुरू किए गए इस व्यवसाय को प्रीति ने ग्राहकों की आवश्यकताओं को समझते हुए लगातार विस्तार दिया। आज उनकी दुकान गांव की प्रमुख दुकानों में शामिल है और आसपास के ग्रामीणों के लिए आवश्यक वस्तुओं का प्रमुख केंद्र बन चुकी है। मुद्रा लोन से मिली आर्थिक सहायता और उनके निरंतर प्रयासों का परिणाम है कि आज वे अपने व्यवसाय से प्रतिवर्ष लगभग 2.50 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर रही हैं। इस आय से न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे आत्मनिर्भरता और महिला उद्यमिता की प्रेरक मिसाल भी बन गई हैं। प्रीति गुप्ता मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि बिहान और मुद्रा योजना के सहयोग से उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास मिला और आज वे सम्मानजनक आय अर्जित कर अपने परिवार की आर्थिक मजबूती में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। प्रीति की कहानी इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण महिलाएं भी स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक स्वतंत्रता हासिल कर सकती हैं और समाज में परिवर्तन की वाहक बन सकती हैं।