Sunday, July 12, 2026
English edition Join Group Now

Development

जल प्रबंधन में छत्तीसगढ़ बना देश के लिए मॉडल

June 6, 2026 Source: Civic Sutra

Join Now
*छत्तीसगढ़ की जल प्रबंधन पहल को मिली राष्ट्रीय पहचान* *कमान क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-सीएडी) मॉडल पर छत्तीसगढ़ के प्रयासों की केंद्र सरकार ने की सराहना* *अन्य राज्यों को भी छत्तीसगढ़ मॉडल अपनाने की दी गई सलाह* रायपुर 5 जून 2026/ छत्तीसगढ़ में सिंचाई दक्षता बढ़ाने, जल उपयोग क्षमता में सुधार लाने और किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किए जा रहे नवाचारों की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना की गई है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने राज्य सरकार की पहल की सराहना करते हुए अन्य राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को भी छत्तीसगढ़ की तर्ज पर कमान क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण (एम-सीएडी) मॉडल के अनुरूप कार्य करने की सलाह दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की समृद्धि, जल संरक्षण और उपलब्ध जल संसाधनों के वैज्ञानिक एवं प्रभावी उपयोग के लिए राज्य सरकार निरंतर नवाचार कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह स्वीकृति प्रदेश के किसानों, जल संसाधन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा सुशासन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का सम्मान है। उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्रालय द्वारा सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के जल संसाधन विभागों को जारी पत्र में छत्तीसगढ़ द्वारा राज्य के स्वयं के संसाधनों से एम-सीएडी कार्यों के क्रियान्वयन का विशेष उल्लेख किया गया है। पत्र में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने एम-सीएडी एवं जल प्रबंधन योजना के उद्देश्यों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य प्रारंभ किए हैं, जो सिंचाई दक्षता बढ़ाने तथा सृजित सिंचाई क्षमता के अधिकतम उपयोग की दिशा में एक अनुकरणीय पहल है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि यह प्रयास छत्तीसगढ़ की सिंचाई क्षमता बढ़ाने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है तथा अन्य राज्यों द्वारा भी अपनी परिस्थितियों और संसाधनों के अनुसार ऐसे कार्य किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में जल संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन और कृषि क्षेत्र का सशक्तीकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में जल संसाधनों के संरक्षण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढ़ाने के लिए अनेक नवाचार आधारित कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सुशासन सरकार का लक्ष्य उपलब्ध प्रत्येक बूंद पानी का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए किसानों की आय बढ़ाना और कृषि को अधिक लाभकारी बनाना है।