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ट्रंप टैरिफ और युद्ध के दबाव के बावजूद FY26 में भारत ने दर्ज की 7.7% GDP ग्रोथ ...

June 5, 2026 Source: Civic Sutra

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ट्रंप टैरिफ और युद्ध के दबाव के बावजूद FY26 में भारत ने दर्ज की 7.7% GDP ग्रोथ ...
वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, बढ़ती भू-राजनीतिक तनाव की स्थितियों, ऊंचे कच्चे तेल के दामों और अमेरिकी टैरिफ दबाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया है। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश की रियल GDP ग्रोथ 7.7% दर्ज की गई, जो फरवरी में लगाए गए 7.6% के अनुमान से बेहतर रही। मार्च 2026 में समाप्त हुई चौथी तिमाही (Q4) में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.8% रही। हालांकि यह पिछली तिमाही के 8% से थोड़ी कम है, लेकिन बाजार की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन देश की आर्थिक मजबूती को दर्शाता है। मंत्रालय का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विकास दर मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान देश की नॉमिनल GDP में 8.9% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि रियल और नॉमिनल GVA क्रमशः 7.9% और 9.1% बढ़ा। कृषि एवं मत्स्य पालन क्षेत्र में 3.2% की वृद्धि हुई, वहीं सेकेंडरी और टर्शियरी सेक्टर ने क्रमशः 8.8% और 9.3% की मजबूत ग्रोथ दर्ज कर अर्थव्यवस्था को गति दी। मैन्युफैक्चरिंग, व्यापार, होटल, परिवहन, संचार, ब्रॉडकास्टिंग, स्टोरेज, वित्तीय सेवाओं, रियल एस्टेट और प्रोफेशनल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में दोहरे अंकों की वृद्धि देखने को मिली। इसके अलावा, निजी उपभोग व्यय (PFCE) और सकल स्थिर पूंजी निर्माण (GFCF) में भी 7.5% से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े नई GDP सीरीज पर आधारित हैं, जिसमें बेस ईयर को बदलकर 2022-23 किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि चौथी तिमाही की मजबूत वृद्धि आने वाले समय में औद्योगिक उत्पादन, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत साबित हो सकती है।