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शेयर बाजार में बिकवाली का तूफान, फार्मा और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित
June 2, 2026 Source: Civic Sutra
बिजनेस डेस्क। मंगलवार, 2 जून को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट का माहौल देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 200 अंक टूटकर 74,100 के आसपास कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी में भी लगभग 100 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 23,300 के स्तर के करीब पहुंच गया। बाजार में सबसे अधिक दबाव फार्मा, हेल्थकेयर और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर देखा गया, जबकि आईटी सेक्टर में निवेशकों की खरीदारी जारी रही।
एशियाई बाजारों का प्रदर्शन मिश्रित रहा। जापान का निक्केई सूचकांक 1.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी कमजोर रहा। दूसरी ओर, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स बढ़त के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। वैश्विक बाजारों से मिले मिले-जुले संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
अमेरिकी बाजारों ने पिछले कारोबारी सत्र में सकारात्मक प्रदर्शन किया था। डाउ जोन्स, नैस्डैक और एसएंडपी 500 तीनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
पिछले 30 दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने भारतीय शेयर बाजार से लगभग 59,875 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की है। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 87,778 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया है। हालिया कारोबारी सत्र में भी एफआईआई ने 3,912 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि डीआईआई ने 5,109 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
इस बीच, दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार बाजार पूंजीकरण के मामले में भारत से आगे निकल गया है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण कोरिया की सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप इस वर्ष 86 प्रतिशत बढ़कर लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी चिप निर्माण कंपनियों की मजबूत वृद्धि को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। वहीं भारतीय शेयर बाजार का कुल मार्केट कैप घटकर लगभग 4.8 ट्रिलियन डॉलर रह गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले 1 जून को भी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। उस दिन सेंसेक्स 508 अंक टूटकर 74,267 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 165 अंक फिसलकर 23,382 के स्तर पर पहुंच गया था। लगातार दूसरे दिन की कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।