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ट्रंप के दावे को मिला बल? ईरान के राष्ट्रपति ने पद छोड़ने की पेशकश की ...
June 1, 2026 Source: Civic Sutra
अमेरिका और इज़रायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान की राजनीति में नए घटनाक्रम की चर्चा तेज हो गई है। कुछ विदेशी मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कथित तौर पर अपना इस्तीफा देश के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को सौंप दिया है। हालांकि, इस दावे की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और राष्ट्रपति कार्यालय ने इन खबरों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेश्कियन देश की शक्तिशाली सैन्य संस्था इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के बढ़ते प्रभाव से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। दावा किया गया है कि उन्हें लगता है कि सरकार की नीतियों और महत्वपूर्ण निर्णयों में निर्वाचित प्रशासन की भूमिका लगातार कमजोर होती जा रही है, जबकि IRGC का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। इससे देश के सत्ता संतुलन पर असर पड़ रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका सीमित हो रही है।
कुछ सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रपति को चिंता है कि IRGC के भीतर मौजूद कट्टरपंथी समूहों का प्रभाव बढ़ने से राजनीतिक और प्रशासनिक निर्णयों पर उनका नियंत्रण मजबूत हो गया है। इसी वजह से शीर्ष नेतृत्व के बीच मतभेद उभरने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
हालांकि, राष्ट्रपति कार्यालय ने इन सभी खबरों को अफवाह करार दिया है। राष्ट्रपति के वरिष्ठ सलाहकार सैय्यद मेहदी तबातबाई ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि राष्ट्रपति पेजेश्कियन अपने कर्तव्यों और जनता की सेवा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विदेशी मीडिया द्वारा फैलाए जा रहे इस्तीफे के दावे मनगढ़ंत और भ्रामक हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति अपने पद से पीछे हटने वाले नहीं हैं, ठीक उसी तरह जैसे ईरानी जनता अपने संकल्प और एकजुटता से पीछे नहीं हटती। फिलहाल न तो राष्ट्रपति के इस्तीफे की कोई आधिकारिक घोषणा हुई है और न ही किसी सरकारी संस्था ने इन दावों की पुष्टि की है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि क्षेत्रीय तनाव, अमेरिका-इज़रायल के साथ टकराव और आंतरिक शक्ति संतुलन को लेकर चल रही बहसों के बीच ऐसी खबरों ने ईरान की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दिया है। हालांकि, जब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आता, तब तक इस्तीफे की खबरों को केवल अटकलों के रूप में ही देखा जा सकता है।