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कल्याण बनर्जी पर कथित हमले को लेकर दिलीप घोष ने कहा- यह सिर्फ राजनीतिक नौटंकी

June 1, 2026 Source: Civic Sutra

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कल्याण बनर्जी पर कथित हमले को लेकर दिलीप घोष ने कहा- यह सिर्फ राजनीतिक नौटंकी
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा अपने ऊपर हुए कथित हमले के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराने के बाद राजनीतिक बयानबाजी और बढ़ गई है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता और राज्य मंत्री दिलीप घोष ने कल्याण बनर्जी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और इसे महज “ड्रामा” बताया। दरअसल, कल्याण बनर्जी ने दावा किया था कि रविवार को हुगली जिले में भाजपा समर्थकों द्वारा किए गए कथित हमले में उन्हें सिर पर चोट लगी। उनके इस आरोप के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। हालांकि भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को निराधार बताया है। दिलीप घोष ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पूरे घटनाक्रम को लोगों ने देखा है और किसी ने भी कल्याण बनर्जी को न तो धक्का दिया और न ही उन पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कल्याण बनर्जी अक्सर इस तरह के विवादित व्यवहार के लिए जाने जाते हैं, इसलिए जनता अब उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेती। भाजपा नेता ने आगे कहा कि कल्याण बनर्जी एक वरिष्ठ वकील, अनुभवी राजनेता और सांसद हैं, लेकिन उनके व्यवहार को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। दिलीप घोष के अनुसार, संसद के भीतर भी उन्हें कई बार विवादित और नाटकीय रवैया अपनाते देखा गया है। उन्होंने कहा कि इसी कारण लोग उनकी शिकायतों और आरोपों को ज्यादा महत्व नहीं देते। दिलीप घोष ने यह भी दावा किया कि कल्याण बनर्जी के खिलाफ जनता के बीच काफी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि के प्रति लोगों में असंतोष बढ़ रहा है तो उसे अपने आचरण पर भी विचार करना चाहिए। भाजपा नेता ने महिलाओं के साथ कथित तौर पर उनके व्यवहार को लेकर सामने आई शिकायतों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर पहले भी आपत्तियां दर्ज कराई जा चुकी हैं। इस बीच, पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा और टकराव के आरोप लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। एक ओर टीएमसी भाजपा पर हमलों और राजनीतिक दबाव का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा इन दावों को राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने की कोशिश बता रही है। ऐसे में यह विवाद आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में और अधिक चर्चा का केंद्र बन सकता है।