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Judge Aman Sharma Suicide Case: गिरफ्तारी नहीं होने पर परिवार का फूटा गुस्सा

May 29, 2026 Source: Civic Sutra

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Judge Aman Sharma Suicide Case: गिरफ्तारी नहीं होने पर परिवार का फूटा गुस्सा
दिल्ली के चर्चित जज अमन शर्मा सुसाइड केस में घटना के लगभग एक महीने बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिवार गहरे दुख और नाराजगी में है। 30 वर्षीय अमन शर्मा नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (DLSA) में फुल-टाइम सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत थे। 2 मई 2026 को उन्होंने कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि मामले में एफआईआर दर्ज होने और कई लोगों के नाम सामने आने के बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अमन शर्मा के पिता प्रेम कुमार शर्मा ने पुलिस जांच की धीमी रफ्तार पर सवाल उठाते हुए कहा कि परिवार लगातार जांच में सहयोग कर रहा है, लेकिन अब तक कोई परिणाम सामने नहीं आया। उन्होंने भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा केस का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पुलिस ने महज 10 दिनों के भीतर आरोपी पति और सास को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं उनके बेटे के मामले में अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। परिवार का कहना है कि एफआईआर में पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें अमन की पत्नी स्वाति, निधि और उनके माता-पिता समेत युद्धवीर का नाम शामिल है। आरोप है कि इन लोगों ने न केवल अमन को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, बल्कि बाद में आरोपियों को बचाने की भी कोशिश की। परिवार का दावा है कि कोर्ट में बयान दर्ज हो चुके हैं और सभी तथ्यों का उल्लेख एफआईआर में मौजूद है, फिर भी कार्रवाई नहीं हो रही। अमन शर्मा के पिता ने बताया कि घटना से एक रात पहले बेटे ने उन्हें फोन कर अपनी मानसिक स्थिति के बारे में बताया था। उन्होंने कहा कि अमन बेहद परेशान थे और खुद को अकेला महसूस कर रहे थे। बेटे की हालत सुनकर वे उसी रात अलवर से दिल्ली पहुंचे। वहां अमन ने पत्नी के साथ लंबे समय से चल रहे विवाद और मानसिक तनाव की बात बताई। पिता के अनुसार, जब उन्होंने बहू से बातचीत करने की कोशिश की तो उन्हें घर छोड़ने की धमकी दी गई और पुलिस बुलाने की बात कही गई। अमन शर्मा की पत्नी भी न्यायिक अधिकारी हैं, जबकि उनकी बहन जम्मू में तैनात आईएएस अधिकारी बताई जा रही हैं। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली पदों के कारण मामले में कार्रवाई धीमी की जा रही है। अमन के पिता ने भावुक होकर कहा कि बेटे की मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका है और उन्हें अब न्याय का इंतजार है। ऑफिशियल रिकॉर्ड के मुताबिक अमन शर्मा 19 जून 2021 को दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विसेज में शामिल हुए थे। वे जेएमएफसी और सिविल जज के रूप में कई मामलों की सुनवाई कर चुके थे। पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई करने वाले अमन अक्टूबर 2025 से DLSA में अपनी सेवाएं दे रहे थे।