India
मॉस्को में Ajit Doval का सख्त संदेश, आतंकवाद पर दुनिया को घेरा
May 29, 2026 Source: Civic Sutra
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval ने आतंकवाद के मुद्दे पर दुनिया को कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। रूस की राजधानी मॉस्को में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मंच में बोलते हुए उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब सभी देशों को यह तय करना होगा कि वे आतंकवाद का समर्थन करने वालों के साथ खड़े हैं या उसके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने वालों के साथ। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह का दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं किया जा सकता।
डोभाल ने यह बयान सुरक्षा मामलों के लिए उच्च प्रतिनिधियों की 14वीं बैठक में दिया, जिसकी मेजबानी रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव Sergei Shoigu ने की। इस बैठक में कई देशों के सुरक्षा और रणनीतिक मामलों से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। भारतीय दूतावास द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, डोभाल ने अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद आज पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है और इसे किसी भी रूप में सही नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि कुछ देशों द्वारा आतंकवाद को लेकर अलग-अलग रवैया अपनाना वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। डोभाल के अनुसार, आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई तभी संभव है जब पूरी दुनिया एक समान नीति अपनाए और आतंकवाद को किसी राजनीतिक या रणनीतिक हित के आधार पर अलग नजरिए से न देखे।
अपने संबोधन में डोभाल ने वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद बनी अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं अब मौजूदा चुनौतियों के हिसाब से पर्याप्त नहीं रह गई हैं। उन्होंने ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील देशों को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ज्यादा प्रतिनिधित्व देने की वकालत की और कहा कि उनकी आवाज और चिंताओं को भी गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
इसके अलावा, डोभाल ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और लाल सागर जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में बढ़ता तनाव वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है। उन्होंने इन समुद्री रास्तों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मॉस्को दौरे के दौरान अजित डोभाल कई द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेने वाले हैं। वहीं दूसरी ओर, भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने साइप्रस में यूक्रेन के विदेश मंत्री Andrii Sybiha से मुलाकात कर रूस-यूक्रेन युद्ध और शांति प्रयासों पर चर्चा की। भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के जरिए वैश्विक संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत करता रहा है।