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दिल्ली में CM शुभेंदु और TMC विधायक ऋतब्रत की मुलाकात से बंगाल राजनीति गरमाई

May 23, 2026 Source: Civic Sutra

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दिल्ली में CM शुभेंदु और TMC विधायक ऋतब्रत की मुलाकात से बंगाल राजनीति गरमाई
पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) विधायक ऋतब्रत बनर्जी की मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से दिल्ली के पुराने बंग भवन में मुलाकात की खबर सामने आई। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार दिल्ली पहुंचे शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं से मुलाकात की। इसी दौरान शुक्रवार को हुई यह मुलाकात राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई। खासकर इसलिए क्योंकि हाल के दिनों में ऋतब्रत बनर्जी और कुणाल घोष जैसे नेता पार्टी नेतृत्व के खिलाफ खुलकर नाराजगी जाहिर करते रहे हैं। मुलाकात के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने इसे केवल शिष्टाचार भेंट बताया। उन्होंने कहा कि वह दिल्ली कुछ निजी और प्रशासनिक कार्यों के सिलसिले में पहुंचे थे। उन्होंने जानकारी दी कि राज्यसभा सांसद रहने के दौरान उनके पास डिप्लोमैटिक पासपोर्ट था, जिसे जमा कर उन्हें अब सामान्य पासपोर्ट बनवाना था क्योंकि विधायक बनने के बाद डिप्लोमैटिक पासपोर्ट की सुविधा नहीं मिलती। इन कामों को पूरा करने के बाद वह लंच के लिए पुराने बंग भवन गए, जहां उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से हो गई। हालांकि राजनीतिक जानकार इस मुलाकात को सामान्य नहीं मान रहे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। कई नेता पार्टी नेतृत्व और फैसलों पर सवाल उठा चुके हैं। जहांगीर खान मामले को लेकर भी कुछ टीएमसी नेताओं ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी। ऐसे माहौल में मुख्यमंत्री और नाराज बताए जा रहे विधायक की मुलाकात ने अटकलों को और हवा दे दी है। दिल्ली के बंग भवन में दोनों नेताओं की बातचीत की तस्वीरें भी चर्चा में हैं, जिनमें शुभेंदु अधिकारी ऋतब्रत बनर्जी के कंधे पर हाथ रखकर बातचीत करते नजर आए। इस दौरान दिल्ली के रेजिडेंट कमिश्नर दुष्यंत नारियावाला भी मौजूद थे। हालांकि ऋतब्रत ने साफ किया कि मुलाकात अचानक हुई और इसका कोई राजनीतिक मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए। उलुबेरिया ईस्ट से विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी बताया कि चुनाव परिणाम, शपथ ग्रहण और अन्य राजनीतिक व्यस्तताओं के कारण वह पहले दिल्ली नहीं जा सके थे। उन्हें अपने सरकारी आवास से जुड़े कुछ नियमों और अतिरिक्त किराये के भुगतान के लिए भी दिल्ली आना पड़ा। बावजूद इसके, इस मुलाकात ने बंगाल की राजनीति में नए समीकरणों और टीएमसी के भीतर संभावित असंतोष को लेकर चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।